
History of Madhya Pradesh in Hindi : मध्य प्रदेश, भारत का हृदय स्थल, प्राचीनकाल से ही सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस राज्य का इतिहास पाषाण काल से आधुनिक काल तक विस्तारित है, और इसमें विभिन्न सभ्यताओं, साम्राज्यों और सांस्कृतिक प्रभावों का समावेश है। यहाँ हम मध्य प्रदेश के इतिहास को विस्तार से समझेंगे और इसे चार प्रमुख कालखंडों में विभाजित करेंगे:
- पाषाण काल या ताम्र काल
- प्राचीन काल
- मध्यकाल
- आधुनिक काल (स्वतंत्रता संग्राम)
Table of Contents
पाषाण काल या ताम्र काल
मध्य प्रदेश में प्राचीन मानव सभ्यता के प्रमाण पाषाण काल से मिलते हैं। इस काल में मानव समाज का विकास कृषि, शिकार, और सामुदायिक जीवन पर आधारित था।
प्रमुख स्थल और खोजें
- नर्मदा घाटी: नर्मदा घाटी में मोहनजोदड़ो और हड़प्पा की समकालीन सभ्यता विकसित हुई।
- भीमबेटका गुफाएँ (रायसेन): ये गुफाएँ प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाण प्रस्तुत करती हैं।
- शैलचित्र: इन गुफाओं में बने शैलचित्र मानव के शिकार, नृत्य, और सामूहिक जीवन का चित्रण करते हैं। ये भारत में मानव सभ्यता के प्रारंभिक प्रमाणों में से एक हैं।
- अन्य स्थल: महेश्वर, नागदा, कामका, वरखेडा, एरण जैसे क्षेत्रों में खुदाई के दौरान धातु के बर्तन, औजार, और मृदुभांड मिले हैं।
विशेषताएँ
- मानव समाज कृषि और शिकार आधारित था।
- ताम्र उपकरण और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग प्रारंभ हुआ।
- सामाजिक संगठन और धार्मिक मान्यताओं का विकास प्रारंभिक अवस्था में था।
प्राचीन काल
प्राचीन काल में मध्य प्रदेश भारतीय सभ्यता के प्रमुख केंद्रों में से एक था। इस काल में महाजनपदों, मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य और शुंग वंश का प्रभाव दिखाई देता है।
अवंतिका महाजनपद
- प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक, अवंतिका (मध्य प्रदेश) का प्रमुख केंद्र था।
- राजधानी: महिष्मति (महेश्वर) और उज्जयिनी।
- अवंति महाजनपद व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।
मौर्य साम्राज्य का प्रभाव
- सम्राट अशोक ने मध्य प्रदेश में कई स्तूप और शिलालेख बनवाए।
- साँची स्तूप (रायसेन): बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र।
- भरहुत (सतना): बौद्ध कला और स्थापत्य का एक अन्य उदाहरण।
- शिलालेख: जबलपुर के रूपनाथ गाँव में अशोक का शिलालेख।
- स्तंभ: पवाया, बेसनगर और एरण जैसे स्थानों पर मौर्यकालीन स्तंभ स्थापित किए गए।
गुप्त साम्राज्य का स्वर्ण युग
- भारत में 320 से 510 ई. के बीच गुप्त वंश का शासन रहा।
- सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने उज्जयिनी को अपनी राजधानी बनाया।
- इस काल को भारत का स्वर्ण युग माना जाता है।
अन्य साम्राज्य
- शुंग वंश: साँची और भरहुत के स्तूपों का विकास।
- सातवाहन वंश: दक्षिण भारत और मध्य भारत के बीच व्यापार का विकास।
- गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद छोटी-छोटी शक्तियाँ सक्रिय रहीं।
मध्यकाल
मध्यकालीन भारत में मध्य प्रदेश का क्षेत्र राजपूतों, परमारों, चंदेलों, और कलचुरियों के शासन के अधीन था। इस काल में विदेशी आक्रमणकारियों और स्थानीय राजाओं के बीच संघर्ष भी देखने को मिलता है।
राजपूत काल और परमार वंश
- मालवा क्षेत्र में परमार वंश का शासन था।
- राजा भोज:
- राजा भोज ने शिक्षा, कला, और स्थापत्य में योगदान दिया।
- भोजपुर में शिव मंदिर का निर्माण कराया।
- विंध्य प्रदेश में चंदेलों और महाकौशल में कलचुरियों का शासन था।
महमूद गजनी और दिल्ली सल्तनत का प्रभाव
- 1019 में महमूद गजनी ने ग्वालियर पर आक्रमण किया।
- 1197 में मुहम्मद गौरी ने ग्वालियर को दिल्ली सल्तनत में शामिल किया।
मुगल साम्राज्य का विस्तार
- बाबर ने 1526 में पानीपत के युद्ध के बाद ग्वालियर और चंदेरी पर अधिकार किया।
- अकबर ने मालवा और बुंदेलखंड को अपने साम्राज्य में शामिल किया।
मराठों का उदय
- 17वीं शताब्दी में मराठों का प्रभाव बढ़ा।
- पेशवा बाजीराव ने मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से पर शासन किया।
- 1818 में अंग्रेजों ने मराठों को पराजित किया।
आधुनिक काल (स्वतंत्रता संग्राम)
आधुनिक काल में मध्य प्रदेश ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और गांधी जी के आंदोलनों में राज्य का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
1857 का विद्रोह
- नागपुर में विद्रोह प्रमुख रहा।
- नागपुर के शासक अप्पाजी भोंसले ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।
- मुलताई (बैतूल) में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया गया।
नमक सत्याग्रह और अन्य आंदोलन
- जबलपुर में सेठ गोविंददास और पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र ने सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
- दुर्गा शंकर मेहता ने गांधी चौक पर नमक बनाकर सत्याग्रह में भाग लिया।
जंगल सत्याग्रह (1930)
- पं. माखनलाल चतुर्वेदी, पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र, और सेठ गोविंददास ने नेतृत्व किया।
- कई नेताओं को गिरफ्तार कर राजद्रोह के मुकदमे चलाए गए।
महिला संगठनों की भूमिका
- 1931 में स्त्री सेवादल की स्थापना हुई।
- 1935 में प्रजा परिषद की स्थापना की गई, जिसने किसानों और मजदूरों को संगठित किया।
आजादी और मध्य प्रदेश का गठन
- 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।
- 1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश का गठन हुआ।
- 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से अलग कर नया राज्य बनाया गया।
मध्य प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल
प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर
- साँची स्तूप (रायसेन): बौद्ध धर्म का केंद्र।
- भीमबेटका (रायसेन): प्राचीन शैलचित्रों का अद्वितीय उदाहरण।
- खजुराहो (छतरपुर): चंदेलकालीन मंदिर और मूर्तिकला।
- मांडू (धार): परमार और अफगानी वास्तुकला का संगम।
- ग्वालियर किला: राजपूत और मुगल कालीन इतिहास का प्रतीक।
अन्य प्रमुख स्थल
- महेश्वर: परमार वंश का सांस्कृतिक केंद्र।
- उज्जैन: भारत के प्रमुख धार्मिक और खगोलीय केंद्रों में से एक।
- ओरछा: बुंदेला राजाओं की राजधानी।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश का इतिहास पाषाण काल से लेकर आधुनिक काल तक विस्तृत और समृद्ध है। यह राज्य विभिन्न सभ्यताओं, साम्राज्यों और सांस्कृतिक धरोहरों का संगम है। इसके ऐतिहासिक स्थल, प्राचीन स्मारक और सांस्कृतिक परंपराएँ इसे भारत के ऐतिहासिक परिदृश्य में एक विशेष स्थान प्रदान करते हैं।
मध्य प्रदेश का गौरवशाली इतिहास हमें यह सिखाता है कि कैसे संघर्ष, समृद्धि और सांस्कृतिक विविधता के माध्यम से एक समाज विकसित होता है। यह राज्य न केवल भारत के इतिहास का हिस्सा है, बल्कि इसकी आत्मा भी है।
FAQs on History of Madhya Pradesh in Hindi
मध्य प्रदेश को भारत का हृदय स्थल क्यों कहा जाता है?
मध्य प्रदेश को भारत का हृदय स्थल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह देश के भौगोलिक केंद्र में स्थित है। साथ ही, यहाँ प्राचीन सभ्यताओं, सांस्कृतिक धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों का अद्वितीय समावेश है।
भीमबेटका गुफाएँ क्यों प्रसिद्ध हैं?
भीमबेटका गुफाएँ प्राचीन शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। ये चित्र पाषाण युग के मानव जीवन, शिकार, और सामूहिक गतिविधियों का अद्वितीय चित्रण प्रस्तुत करते हैं।
साँची स्तूप का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
साँची स्तूप बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है। इसे सम्राट अशोक ने बनवाया था। यह बौद्ध वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
गुप्त साम्राज्य के दौरान मध्य प्रदेश का क्या महत्व था?
गुप्त साम्राज्य के स्वर्ण युग में उज्जयिनी (उज्जैन) को राजधानी बनाया गया था। यह काल कला, विज्ञान और सांस्कृतिक उन्नति का समय था।
मध्य प्रदेश का गठन कब हुआ?
मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। इसके बाद, 1 नवंबर 2000 को इससे अलग होकर छत्तीसगढ़ एक नया राज्य बना।
खजुराहो मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध हैं?
खजुराहो मंदिर अपनी अद्वितीय मूर्तिकला और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हें चंदेल वंश के शासकों ने बनवाया था।
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